Page 2 - Lesson Note -Chitra Lekhan
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भाषा िो सदर और प्रभावशाली बनान म सहायि होत ह।
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6-कित्र-वर्न िरत समय आपि सभी वाक्य कित्र स सम्बकित होन िाकहए।
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'चित्र-वर्न' का उद्दश्य
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पथ्वी पर मानव ही एिमात्र प्रार्ी ह, कजस ईश्वर न िल्पनाशक्ति िा वरदान कदया
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ह। किसी भी वस्त, दृश्य या कित्र िो दख िर उसि मन म अनि भाव जन्म लन
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लगत ह। अपन अनभवों ि िारर् किसी घटना या वातावरर् ि प्रकत उसिी
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अपनी प्रकतकिया होती ह। अपन इस अनभव या प्रकतकिया िो सशि और
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प्रभावशाली भाषा ि माध्यम स व्यि िर पाना ही 'कित्र-वर्न' िा उद्दश्य ह।
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चित्र-वर्न का तिीका
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यकद आपिो सकिप्त ऱूप स िह तो आपिो कित्र-वर्न िर समय िवल पाि
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बातों िो ध्यान म रखना ह।
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सवप्रिम कित्र िो ध्यान स दखना ह।
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सम्पर् कित्र किसिा ह यह बताना ह।
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कित्र म िौन-िौन स कियाए हो रही ह, उन्ह िम स कलखना ह।
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किर कित्र ि माध्यम स िही जा रही बात िो अपन शब्ों म समझान िा प्रयास
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अत म अपन कविार कलक्तखए।
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1-कित्र-वर्न म अनावश्यि बातों िो नहीं कलखना िाकहए।
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2-कित्र म कजतनी भी िीज कदख रही हों सभी िा वर्न होना िाकहए।
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3-पहल वाक्य म बताए कि दृश्य किसिा ह और अगल वाक्य म दृश्य

